चांदीवाल आयोग की प्रक्रिया के बाद परमबीर सिंह पहुंचे CID दफ्तर, तीन मामलों की जांच में हैं फंसे

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<p style="text-align: justify;"><strong>मुंबईः</strong> मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह जैसे ही मुंबई आए वैसे ही दो जांच एजेंसियों के सामने जाकर अपना बयान दर्ज करवाने लगे. परमबीर सिंह ने मार्च महीने में एक पत्र महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को लिखा था जिसमें 100 करोड़ की वसूली का आरोप लगाया था और इसी पत्र में महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख और पीएस संजीव पलांडे पर वसूली से जुड़े आरोप लगाए थे. इसी संदर्भ में चल रही चांदीवाल कमीशन की इंक्वायरी में संजीव पलांडे के वकील शेखर जगताप ने बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे से कई सवाल पूछे (क्रॉस एक्जामिनेशन किया) जिसके दौरान सचिन वाझे ने दो महत्वपूर्ण बातें कही हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या हैं वो महत्वपूर्ण बातें</strong><br />पहली बातः जब वो पुलिस सेवा से निलंबित था तब उसे अनिल देशमुख ने अर्जी देने को कहा था- वाझे के इस जवाब पर जगताप ने पूछा कि उनके पास इसका कोई सबूत है जिसपर वाझे ने कहा कि नहीं. इस मामले में दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात थी की क्या संजीव पलांडे ने उन्हें कभी भी पैसे लाने के संदर्भ में कुछ निर्देश दिए थे क्या? जिसपर वाझे ने कहा कभी नहीं दिए थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>परमबीर सिंह और सचिन वाझे ने चेम्बर में बैठकर करीब एक घंटे तक बातचीत की</strong><br />इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए आज के दिन परमबीर सिंह को आयोग ने उनके सामने उपस्थित रहने के लिए समन किया था, जिसके बाद सुबह साढ़े दस बजे के बाद परमबीर सिंह होम गार्ड के दफ़्तर गए हालांकि उन्होंने चार्ज नहीं लिया इस वजह से उन्हें विज़िटर के सोफ़े पर बैठना पड़ा. इसके तुरंत बाद 11 के क़रीब परमबीर सिंह चांदीवाल आयोग के पास गए जहां उन्होंने अपना ज़मानती वारंट रद्द करवाया और इसके बाद उन्होंने और सचिन वाझे ने एक चेम्बर में जाकर करीब एक घंटे तक बातचीत की.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मुंबई पुलिस को खबर मिली तो हरकत में आई टीम</strong><br />जैसे ही यह खबर सामने आई कि सचिन वाझे और परमबीर सिंह ने एक केबिन में बैठकर करीब घंटे भर बातचीत की है, मुंबई पुलिस हरकत में आ गई और आख़िर कैसे इन लोगों ने मुलाक़ात की इसे जानने के लिए पुलिस की एक टीम चांदीवाल कमीशन जिस इमारत में है वहां पहुंची. पुलिस यह जानना चाहती है कि इस तरह से मिलने के लिए क्या उन्हें कोई इजाज़त थी? अगर इजाज़त नहीं थी इसके बावजूद मिले हैं तो इसपर मुंबई पुलिस जांच कर सकती है. इस जांच के दौरान सचिन वाझे को जेल से चांदीवाल कमीशन लाने वाले स्क्वाड से भी पूछताछ हो सकती है</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अनिल देशमुख ने भी किया इस घटना का विरोध</strong><br />आपको बता दें कि आज परमबीर सिंह को चांदीवाल कमीशन ने समन किया था और इसी दौरान सचिन वाझे को भी बुलाया गया था. अनिल देशमुख के वकील ने भी इसका विरोध किया कि आखिर ये दोनों कैसे बातचीत कर सकते हैं जिसके बाद कोर्ट ने ऐसा नहीं करने को कहा. चांदीवाल की क़ानूनी करवाई पूरी करने के बाद सिंह नवी मुंबई में स्थित CID के दफ़्तर आए जहां पर उनके ख़िलाफ़ दर्ज दो वसूली के मामले और एक एट्रोसिटी के मामले में उनसे पूछताछ शुरू की गई है.</p>
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