हाइलाइट्स:

  • गुजरात निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी का बेहद निराशाजनक प्रदर्शन
  • कांग्रेस पार्टी को किसी जिले में नहीं मिली बीजेपी पर बढ़त, सूरत में भी हार
  • पाटीदारों का गढ़ कहे जाने वाले सूरत जिले में कांग्रेस की हार ने उठाए नेतृत्व पर सवाल
  • पाटीदार समाज के नेता कहे जाने वाले हार्दिक पटेल की नेतृत्व क्षमता पर भी लगा प्रश्नचिह्न

अहमदाबाद
एक जमाने में पाटीदारों के आंदोलन के बाद सक्रिय राजनीति में आए हार्दिक पटेल इस बार अपनी पहली ही अग्निपरीक्षा में असफल हुए हैं। गुजरात में पाटीदार समाज के आरक्षण समेत तमाम मुद्दों पर खुद को बड़ा पाटीदार नेता बनाने की कोशिश कर रहे हार्दिक इस बार गुजरात के निकाय चुनाव (Gujarat Municipal Election 2021) में पाटीदारों के गढ़ क्षेत्र में ही बुरी तरह से नाकाम साबित हुए हैं। गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल निकाय चुनाव की परीक्षा (Gujarat Municipal Election 2021 Results) में फेल हुए हैं और पूरे राज्य में कांंग्रेस को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है। बड़ी बात ये कि हार्दिक खुद जिस पाटीदार समाज से आते हैं, उसके गढ़ सूरत में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला है।

गुजरात के निकाय चुनाव में बीजेपी को चार नगर निगम में बहुमत मिला है। वहीं सूरत जिले में भी पार्टी को 93 सीटों पर जीत मिली है। दूसरे स्थान पर अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी है, जिसे कि 23 सीट पर जीत मिली है। वहीं सबसे निराशानजक प्रदर्शन कांग्रेस का रहा है, जो कि यहां निकाय चुनाव में खाता तक नहीं खोल सकी है। खास बात ये कि पाटीदारों के गढ़ सूरत में कांग्रेस का यह प्रदर्शन ऐसे वक्त में है, जब कि पार्टी की कमान पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के हाथ में है।

पाटीदार को मिली कमान, अब पाटीदारों के गढ़ में ही हार
अतीत याद करें तो कुछ सालों पहले कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल को गुजरात के एक बड़े पाटीदार नेता के रूप में प्रॉजेक्ट किया जा रहा था। हार्दिक पटेल की लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें कई राज्यों में प्रचार के लिए बुलाया गया था। पूर्व में कांग्रेस के तमाम शीर्ष नेताओं ने उन्हें पार्टी की जनसभाओं में बुलाया था और इसके बाद नेतृत्व ने उन्हें गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दे दी थी। हालांकि पाटीदारों का वोटबैंक अपने पक्ष में करने की कोशिश करने वाली कांग्रेस को सूरत के गढ़ क्षेत्र में ही हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस की इस हार को सीधे तौर पर हार्दिक पटेल की नाकामी माना जा रहा है।

कई अन्य जिलों में भी कांग्रेस का निराशाजनक प्रदर्शन
इसके अलावा कांग्रेस का अन्य जिलों में भी ऐसा ही निराशाजनक प्रदर्शन रहा है। गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी ने अब तक 389 सीटें जीती हैं। 39 सीटें कांग्रेस को मिली हैं। आम आदमी पार्टी ने 14 सीटों पर और बीएसपी ने 3 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं एक सीट पर स्वतंत्र उम्मीदवार को जीत मिली है।

अहमदाबाद समेत कई सीटों पर भगवा पार्टी का कब्जा
अभी तक के घोषित नतीजों में बीजेपी को अहमदाबाद में 67 में से 57, राजकोट में 55 में से 51, जामनगर में 60 में से 46, भावनगर में 36 में से 31, वडोदरा में 76 में से 61 और सूरत में 48 में से 40 सीटों पर जीत मिली है। वहीं, कांग्रेस को अहमदाबाद में 10, राजकोट में 4, जामनगर में 11, भावनगर में 5 और वड़ोदरा में 7 सीटें मिली हैं।

बीजेपी अध्यक्ष ने दिया धन्यवाद
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुजरात निकाय चुनावों में बीजेपी की शानदार जीत पर खुशी जताई है। नड्डा ने कहा, ‘गुजरात के सभी 6 नगर निगमों के चुनाव में बीजेपी को भारी बहुमत मिला है। इस सफलता के लिए सभी 6 नगर निगमों, मुख्यमंत्री विजय रुपाणी, प्रदेश बीजेपी प्रमुख सीआर पाटिल और पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को धन्यवाद देता हूं।’

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