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झांसीकुछ ही क्षण पहले

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उत्तर प्रदेश में हो रहे पंचायत चुनाव को अगले 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के ट्रेलर के रूप में देखा जा रहा है जिला पंचायत में भाजपा को इस बार सबसे ज्यादा फायदा हुआ, जबकि सपा को नुकसान उठाना पड़ा। बसपा की भी एक सीट कम हुई जबकि निर्दलियों को दबदबा रहा।

पिछले पंचायत चुनाव में समाजवादी पार्टी ने इकतरफा जीत हासिल की थी। जिला पंचायत के 24 सदस्यों में 16 समाजवादी पार्टी के थे। जबकि, चार – चार सदस्य भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के थे। सदन में पूर्ण बहुमत होने की वजह से सपा आसानी से अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बना ले गई थी।

हालांकि, पिछले चुनाव में प्रदेश में सरकार होने की वजह से सपा के लिए परिस्थितियां एकदम अनुकूल थी। इस चुनाव में सियासी समीकरण एकदम बदल गए हैं। सोमवार की देर रात तक परिणाम तो आए मगर अधिकारी घोषणा अभी तक नहीं की गई माना जा रहा है जहां भाजपा प्रत्याशी हारे हैं वहां विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई जिसमें साकिन सीट और खेल आर सीट पर काफी विवाद हुआ था।

हालांकि परिणामों की बात करें तो उसके आधार पर भारतीय जनता पार्टी के खाते में आठ सीटे गईं हैं। भाजपा को चार सीटों का इजाफा हुआ है। जबकि, सपा को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सपा 16 सीटों से सिमट कर 8 पर आ गई है। बसपा को भी एक सीट का नुकसान हुआ। बसपा के खाते से तीन सदस्य ही जिला पंचायत में पहुंचे।

निर्दलियों ने खासा दबदबा दिखाया। पांच सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। हालांकि, इनमें से सपा और भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ने वाले कुछ चेहरे भी शामिल हैं। जिला पंचायत की ज्यादा सीटें हासिल करने के बाद भी भाजपा निर्दलियों की ओर देखना होगा। यही स्थिति सपा के साथ भी है। अपना जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने के लिए को भी निर्दलियों का साथ हासिल करना होगा। इसे लेकर जोड़तोड़ का दौर भी शुरू हो चुका है।

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