बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

पांच राज्यों के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक के बाद एक चार ट्वीट कर विजेता नेताओं और पार्टियों को बधाई दी है. नीतीश कुमार ने जो बधाई संदेश लिखे उनमें बड़े सियासी संकेत भी देखे जा रहे हैं. उन्होंने ममता बनर्जी का बिना नाम लिए उनकी पार्टी को बधाई दी.

पटना. पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आ गए हैं. परिणाम के बाद से ही जीतने वाले नेताओं और राजनीतिक दलों को बधाई देने का सिलसिला जारी है. विधानसभा चुनावों के परिणाम सामने आने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक के बाद एक चार ट्वीट कर चुनाव जीतने वाले नेताओं और राजनीतिक पार्टियों को जीत की बधाई दी है. नीतीश कुमार ने जो बधाई संदेश लिखे उनमें बड़े सियासी संकेत भी देखे जा रहे हैं. खासकर ममता बनर्जी को उन्होंने जीत की बधाई दी, लेकिन उनका नाम नहीं लिया. नीतीश कुमार ने तमिलनाडु में जीत हासिल करने पर स्टालिन को बधाई देते हुए अपनी भावनाओं का इज़हार करते हुए ख़ुशी ज़ाहिर की. नीतीश कुमार ने ट्वीट कर कहा-  आपकी जीत पर मैं बहुत खुश हूं. 2017 और 2018 में मैं जब तमिलनाड में आपसे मुलाकात के बाद भविष्यवाणी और कामना की थी कि आप मुख्यमंत्री बनें.

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पांच राज्यों के चुनाव परिणाम पर नीतीश कुमार के ट्वीट

वहीं केरल में जीत हासिल करने पर पी विजयन को बधाई देते हुए नीतीश ने कहा-  एलडीएफ की ऐतिहासिक लगातार दूसरी बार जीत पर बहुत बधाई. आपके नेतृत्व में केरल और तेज गति से विकास करे. असम और पुडुचेरी में शानदार जीत हासिल करने पर भारतीय जनता पार्टी को बधाई और शुभकामनाएं. लेकिन नीतीश कुमार ने पश्चिम बंगाल की जीत पर बधाई देते हुए जो शब्द लिखे हैं उसके सियासी मायने खोजे जा रहे हैं. नीतीश कुमार ने ट्वीट कर लिखा, ‘पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में तीसरी बार विजय हासिल करने पर तृणमूल कांग्रेस पार्टी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.’

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नीतीश कुमार के बंगाल जीत पर किए ट्वीट का राजनीतिक मतलब क्या है ? इस सवाल पर बिहार के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक अरुण पांडे जो राजनीतिक अर्थ बताते हैं वो बेहद महत्वपूर्ण है. अरुण पांडे कहते हैं कि नीतीश कुमार ने बंगाल चुनाव जितने के बाद तृणमूल कांग्रेस को बधाई देकर ये साफ़ कर दिया है कि बंगाल में भले ही ममता की अगुवाई में तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की है, लेकिन ममता बनर्जी खुद चुनाव हार गईं. ऐसे में पार्टी को बधाई दे नीतीश कुमार ने ये संदेश भी देने की कोशिश की है कि देश में ममता बनर्जी को लेकर थर्ड फ्रंट की सुगबुगाहट चल रही है, वो लोग जरा इस सच्चाई से भी वाकिफ रहें. वहीं दूसरी तरफ स्टालिन और पी विजयन जैसे नेताओं को बधाई देकर उन्होंने अपनी भावनाओं का इज़हार कर ये भी जताने की कोशिश की है कि छोटी -छोटी पार्टियों के नेताओं के साथ उनके सम्बंध बेहतर हैं. आने वाले समय में नीतीश कुमार इस कवायद को और तेज कर सकते हैं, क्योंकि बंगाल चुनाव के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हुई है.
वहीं नीतीश कुमार ने आसाम और पुडुचेरी की जीत पर भाजपा को बधाई दे भाजपा से अपने बेहतर सम्बन्ध और राजनीतिक शिष्टाचार को भी निभाने की कोशिश की है. बहरहाल नीतीश कुमार के ट्वीट ने सियासी हलके में थोड़ी देर से ही हलचल तो पैदा कर ही दी है, क्योंकि नीतीश कुमार को लेकर एक समय चर्चा इस बात को लेकर तेज हुई थी, जब थर्ड फ्रंट के नेता के तौर पर इनके नाम की चर्चा प्रधान मंत्री पद के लिए उठी थी. तब नीतीश कुमार भाजपा के साथ ही आ गए थे.



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