फैसला : शिक्षक नियोजन की काउंसिलिंग 17 से 28 जनवरी तक , 1400 नियोजन इकाइयों में 13000 पदों पर होगी नियुक्ति

Bihar Teacher Niyojan Counseling : कोरोना संक्रमण की स्थिति के मद्देनजर उत्पन्न तमाम संशय खत्म हो गए हैं। मैट्रिक व इंटर की परीक्षाएं तथा शिक्षक नियोजन के घोषित कार्यक्रम अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक आहूत होंगे। शुक्रवार को शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सभी डीएम को निर्देश दिया है कि नियोजन कार्यक्रम त्रुटिरहित व पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराएं। 17 से 28 जनवरी तक तृतीय चक्र के तहत प्रारंभिक शिक्षकों के चयन के लिए काउंसिलिंग होगी। इसके लिए केन्द्रों पर भीड़ नियंत्रण के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती करें। जिन केन्द्रों पर अधिक प्रत्याशी होने की संभावना हो, वहां डीएम व डीईओ एक की जगह दो काउंसिलिंग केन्द्र बना सकते हैं। नियोजन की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में यह समीक्षा बैठक की। बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि शिक्षक नियोजन के छठे चरण के बचे हुए नियोजन की कार्यवाही पारदर्शी तरीके एवं घोषित कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जाए। 8500 से अधिक नियोजन इकाइयों में नियोजन की कार्यवाही होनी थी, जिसमें से अब मात्र 1200 के लगभग बच गची है। 17 जनवरी से बची हुई इकाइयों में नियोजन की प्रक्रिया पुनः शुरू होनी है।

श्री चौधरी ने कहा कि यह प्रक्रिया पिछले दो वर्षों से अधिक समय से विभिन्न कारणों से लम्बित चली आ रही है। अधिकांश समय माननीय उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के कारण ये नियुक्ति बाधित है। फिर शिक्षा विभाग एवं सरकार के विशेष प्रयत्न पर न्यायालय की इजाजत से इस प्रक्रिया की शुरुआत की गयी। लेकिन पंचायत चुनाव आ जाने के कारण पिछले कई महीनों से यह प्रक्रिया बाधित रही। विभाग के प्रयास के बावजूद राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा इजाजत नहीं मिलने के कारण प्रगति नहीं हो पाई थी। अब प्रक्रिया पुनः शुरू होनी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सजग है कि राज्य भर के योग्य अभ्यर्थी बेसब्री से इस प्रक्रिया के पूरा होने एवं नियुक्ति पत्र पाने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट है कि इसमें विभाग या सरकार के स्तर से कोई कोताही नहीं हुई है।

डीएम के दिए सुझाव भी दिशा-निर्देश में होंगे शामिल
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक में कई जिला पदाधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये, जिसे विभाग ने स्वीकार किया और उन तथ्यों को विभाग द्वारा जारी होने वाले दिशा-निर्देश में सम्मिलित करने का निर्णय लिया। नियोजन केन्द्रों पर कोरोना से संबंधित गाइडलाइन के सख्ती से पालन करने का भी निर्देश दिया गया। साथ ही, पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता की खातिर केन्द्रों पर हरेक गतिविधि की विडियोग्राफी करने का भी निर्देश दिया गया। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने कहा कि शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया पूरी करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। बैठक में प्राथमिक शिक्षा निदेशक, रवि प्रकाश, शोध एवं प्रशिक्षण निदेशक, विनोदानन्द झा एवं विभिन्न जिला के शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बात रखी।

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