मध्य प्रदेश के होमगार्ड जवानों के लिए आई खुशखबरी, राज्य के गृहमंत्री ने किया ये बड़ा एलान

Madhya Pradesh Home Guard News: मध्य प्रदेश सरकार ने होमगार्ड जवानों के लिए बेहद राहत भरा फैसला किया है. प्रदेश के 16 हजार 500 होमगार्ड जवानों को अब एक साल की बजाय तीन साल में कॉल ऑफ किया जाएगा. कॉल ऑफ के तहत होम गार्ड जवानों को साल में दो माह को लिए अवैतनिक अवकाश पर भेज दिया जाता था लेकिन अब नए फैसले के बाद उन्हें न केवल आर्थिक रूप से लाभ होगा बल्कि सेवा में संरक्षण भी मिलेगा. मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने होम गार्ड जवानों के हित में लिए गए इस फैसले की जानकारी दी.

गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि जबलपुर में होमगार्ड प्रशिक्षण संस्थान (CTI) की उपलब्ध भूमि पर राष्ट्रीय स्तर का आपदा प्रबंधन संस्थान बनाने संबंधी प्रस्ताव प्राप्त हुआ है. जबलपुर के मंगेली में 165 एकड़ के परिसर में 135 करोड़ रूपये की लागत से संस्थान के निर्माण पर विचार किया जा रहा है. शीघ्र ही यह मूर्त रूप लेगा और जबलपुर में होमगार्डस् और एसडीईआरएफ के जवानों को बाढ़, आगजनी, भूकंप, रेल दुघर्टना, सड़क दुर्घटना, रासायनिक, औद्योगिक दुर्घटनाएँ इत्यादि के समय लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिये उच्च स्तरीय प्रशिक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण किया जाकर प्रशिक्षित किया जा सकेगा.

अत्याधुनिक संसाधनों के लिये 50 करोड़

गृहमंत्री डॉ. मिश्रा ने बताया कि आपदा प्रबंधन के कार्यों को और अधिक बेहतर तरीके से करने के लिये एसडीईआरएफ फंड से 50 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की है. इस राशि से 10 जीप, 58 यूटीलिटि व्हीकल, 20 बस, 100 से अधिक ड्रोन कैमरे और अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे.

550 लोगों की जिंदगी बचाई होमगार्ड ने 

मध्यप्रदेश होमगार्ड  के 75वें स्थापना दिवस पर उन्होंने बताया कि होमगार्ड के जवानों ने इस वर्ष 550 रेस्क्यू ऑपरेशन करते हुए 9 हजार 827 लोगों की जिंदगियां बचाई हैं. आपदा में स्वयं के प्राणों को संकट में डालकर काल-कवलित हुए 452 व्यक्तियों के शवों को निकालकर परिजनों को सुपुर्द किया है. मंत्री डॉ. मिश्रा ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान वर्ष 2020-21 में होमगार्ड द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों के लिये 12 हजार 591 सैनिकों और अधिकारियों को कर्मवीर योद्धा पदक से सम्मानित किया गया. मंत्री ने होमगार्ड के जवानों को आश्वस्त किया कि उन्हें किसी प्रकार से परेशानी नहीं आने दी जाएगी. सरकार के निर्णय लिया है कि जवानों को 3 साल में एक बार कॉल ऑफ किया जाएगा, अब प्रति वर्ष कॉल ऑफ नहीं किया जाएगा.

होम गार्ड के कार्य

मध्य प्रदेश में होमगार्ड संगठन की स्थापना वर्ष 1947 में मध्य प्रदेश होमगार्ड अधिनियम के तहत हुई थी. बाद के वर्षो में नागरिक सुरक्षा अधिनियम के लागू होने से नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) को मध्य प्रदेश होम गार्ड्स के अंतर्गत लाया गया. विभाग का मुख्य कार्य मध्य प्रदेश होम गार्ड्स, सिविल डिफेंस एवं आपदा प्रबंधन की गतिविधियों को संचालित करना एवं उन गतिविधियों की गुणवत्ता में उत्तरोत्तर प्रगति लाना है.

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