शहाबुद्दीन के बाद सिवान में खान ब्रदर्स का ‘आतंक’, तीन दोस्तों को अपने गुर्गों से लगवाया ठिकाने


सिवानः बिहार के सिवान में अब मोहम्मद शहाबुद्दीन (Mohammad Shahabuddin) के बाद खान ब्रदर्श (Khan Brothers) का नाम चर्चा में है. सात नवंबर से लापता तीन युवकों के मामले में बुधवार को पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया जिसके बाद इस मामले में अयूब खान (Ayub Khan) का नाम सामने आया है. हालांकि की गिरफ्तारी के बाद भी लापता तीनों युवकों के बारे में अभी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है. पुलिस पूछताछ कर रही है.

गिरफ्तार युवक का नाम संदीप है. वह सिवान के नगर थाना क्षेत्र के शुक्ल टोली का रहने वाला है. उसने पुलिस को दिए बयान में बताया कि लापता विशाल सिंह, अंशु सिंह, परमेंद्र यादव के साथ ये खुद भी अयूब खान के काम करते थे. अयूब खान ने विशाल को काले रंग की स्कॉर्पियो भी दी थी. विशाल सिंह अयूब खान के बताए गए ठिकानों से पैसे वसूलने का काम करता था. अभी हाल के दिनों में वो पैसों में बेईमानी करने लगा और अयूब खान के नाम पर रंगदारी मांगने लगा था. इससे अयूब खान खफा हो गया और विशाल को खत्म करने की साजिश रची.

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संदीप के अनुसार, सात नवंबर को वो अपने विशाल, अंशु और उसके ड्राइवर परमेंद्र के साथ बड़हरिया थाना क्षेत्र के बीबी के बंगरा गांव पहुंचा. वो नीचे सिगरेट पीने के लिए रुक गया. करीब दो घंटे बाद जब वो ऊपर गया तो देखा कि चाय पीते-पीते तीनों गिर गए. तब अयूब खान आए और अपने साथियों से कहा कि इन तीनों को ठिकाने लगा दो. इसके बाद संदीप को धमकी देकर छोड़ दिया गया. इस मामले में संदीप को जेल भेजकर पुलिस बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.

परिजनों ने समाहरणालय में दिया धरना

इधर लापता तीनों युवकों के परिजनों ने गुरुवार सिवान समाहरणालय में धरना देने पहुंचे. परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि 18 दिन से ज्यादा हो गए लेकिन उनके बच्चों का अभी तक कोई पता नहीं चला. एसपी से तीन बार मुलाकात करने आए लेकिन अभी तक मुलाकात भी नहीं हो पाई. परिजनों का कहना है कि अभी तक पुलिस द्वारा कोई सहयोग भी नहीं मिल पा रहा है.

खान ब्रदर्स के नाम से मशहूर है अयूब खान

बता दें कि अपराध जगत में खान ब्रदर्स के नाम से मशहूर अयूब खान पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं उनके पिता कमरुल हक और भाई चांद खान रघुनाथपुर विधानसभा के प्रत्याशी रह चुके हैं.

शहाबुद्दीन पर लगा था आरोप

सिवान नगर थाना के लक्ष्मीपुर ढाले से वर्ष 2005 में 9 फरवरी को सिसवन थाना क्षेत्र के ग्यासपुर निवासी कमरूल हक का अपहरण कर लिया गया था. कमरुल हक अपराध की दुनिया में खान ब्रदर्स के नाम से चर्चित अयूब खान के पिता हैं. कमरूल हक उस समय रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे. वहीं इस सीट से आरजेडी के उम्मीदवार और उस समय के शहाबुद्दीन समर्थक विक्रम कुंवर उम्मीदवार थे. कमरूल के अपहरण मामले में शहाबुद्दीन गैंग के ध्रुव प्रसाद, मनोज दास, मनोज सिंह, सोबराती मियां, विक्रम कुंवर व अन्य आरोपित बनाए गए थे. इसमें मो. शहाबुद्दीन पर साजिश का आरोप लगा था.

गौरतलब हो कि 7 नवंबर को सिवान नगर थाना क्षेत्र के रामनगर आंदर ढाला निवासी विशाल सिंह, हुसैनगंज थाना क्षेत्र के पैगम्बरपुर निवासी अंशु सिंह और चालक जीरादेई थाना क्षेत्र के भलुआ निवासी परमेंद्र यादव के साथ घर से निकला लेकिन देर रात तक वापस नहीं आया. अगले दिन 8 नवंबर को इनकी स्कॉर्पियो लावारिस हालत में गोपालगंज जिला के मीरगंज थाना क्षेत्र के सबेया एयरपोर्ट के पास बरामद की गई थी.

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