सिम अचानक बंद और अकाउंट से 10 लाख गायब, दिल्ली में ऑनलाइन फ्रॉड का सनसनीखेज मामला


Delhi Fraud Case: बुराड़ी थाना की पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से बड़ा खुलासा किया है. दरअसल, बुराड़ी थाना इलाके के रहने वाले एक शख्स का पहले मोबाइल नंबर का सिम ब्लॉक हो गया और उसके बाद पता चला कि जिस अकाउंट से उसका नंबर लिंक था, उसका नेट बैंकिंग पासवर्ड मेल पर जनरेट किया जा रहा है. जब वह तुरंत अपने बैंक पहुंचे तो पता चला कि उनके अकाउंट से 10 लाख अलग-अलग तीन अकाउंट में ट्रांसफर हो गए हैं. वे अकाउंट बिहार और पश्चिम बंगाल के हैं. इस मामले में पुलिस ने इंटरस्टेट गिरोह का भंडाफोड़ कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. 

इस मामले में लगातार 14 दिन के ऑपरेशन के बाद बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली के पटना, मुंबई, ईस्ट ठाणे इलाके में रेड करके चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. डीसीपी नॉर्थ सागर सिंह कलसी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान काशिफ अख्तर उर्फ शाहरुख, गौरव कुमार मूसा गौस शेख उर्फ सोनू और मोहम्मद अली के रूप में हुई है. काशिफ जाकिर नगर, ओखला दिल्ली का रहने वाला है. जबकि गौरव पटना के मोकामा का रहने वाला है. इसके अलावा दो आरोपी मुंबई और पूर्वी ठाणे इलाके के रहने वाले हैं. 

आरोपियों के पास से कई सामान बरामद 

एसीपी स्वागत आर पाटिल की देखरेख में एसएचओ बुरारी राजेंद्र प्रसाद, सब इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह, साइबर सेल के इंचार्ज रोहित सारस्वत की टीम ने इनके पास से 3 लैपटॉप, 4 मोबाइल, फर्जी आईडी और वारदात के दौरान इस्तेमाल की गई स्कूटी भी बरामद की है. पुलिस के अनुसार, बुराड़ी थाना इलाके के रहने वाले एक शख्स का पहले मोबाइल नंबर का सिम ब्लॉक हो गया और उसके बाद पता चला कि जिस अकाउंट से उसका नंबर लिंक था, उसका नेट बैंकिंग पासवर्ड मेल पर जनरेट किया जा रहा है. जब वह तुरंत अपने बैंक पहुंचे तो पता चला कि उनके अकाउंट से 10 लाख अलग-अलग तीन अकाउंट में ट्रांसफर हो गए हैं. वे अकाउंट बिहार और पश्चिम बंगाल के हैं. आगे पता करने पर जानकारी मिली कि उनका नंबर का सिम किसी दूसरे शख्स ने लक्ष्मी नगर इलाके से जारी करवा लिया है. इस मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और आगे की छानबीन शुरू की. जिस कंपनी का मोबाइल नंबर था वहां और बैंक से पुलिस ने डिटेल निकालना शुरू किया और आगे जांच करती हुई. पुलिस टीम इस ठगों के तक पहुंचने में कामयाब रही.

पुलिस ने ऐसे की आरोपियों की पहचान 

जब पता चला कि अकाउंट में पैसे ट्रांसफर होने के बाद एटीएम से कैश निकाल कर लिया गया. पुलिस टीम ने इसमें टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर भी कई सारे क्लू निकाले और सीसीटीवी फुटेज की भी मदद ली. सबसे पहले पुलिस ने काशिफ अख्तर उर्फ शाहरुख की पहचान की, जो लक्ष्मी नगर इलाके से पीड़ित का मोबाइल नंबर का सिम जारी करवाया था. उसे पुलिस ने ओखला इलाके में छापा मारकर गिरफ्तार किया. उसके पास से फर्जी वोटर आईडी पीड़ित का बरामद किया गया. उससे पूछताछ हुई तो फिर इस मामले में आगे फिर तीनों आरोपी को भी बिहार के पटना और फिर उसके बाद महाराष्ट्र के मुंबई और ईस्ट ठाणे से गिरफ्तार किया गया. यह लोग और कितने वारदात को अंजाम दे चुके हैं, इन सब के बारे में पुलिस टीम में आगे की पूछताछ कर रही है.

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