Tokyo Olympics 2020: भारत की स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगेहन ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा है. 69 किलोग्राम इवेंट में तुर्की की बुसेनाज ने लवलीना को सेमीफाइनल मुकाबले में मात दी. लवलीना ने ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर खुशी जाहिर की है. लेकिन लवलीना सेमीफाइनल मुकाबले में अपने प्रदर्शन से थोड़ी नाखुश भी हैं.

लवलीना ने एबीपी न्यूज के साथ खास बातचीत में कहा है कि वह सेमीफाइनल मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन कर सकती थीं. लवलीना ने कहा, ”मेडल जीतकर अच्छा लग रहा है. लेकिन जितना सोचा था उतना नहीं हो पाया. फिर भी मेडल मिला, देश के लिए मैं मेडल हासिल कर पाई. इसे लेकर मैं खुश हूं.”

लवलीना की नज़रें टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल पर थी. लेकिन क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में लवलीना का मुकाबला वर्ल्ड चैंपियन खिलाड़ियों के साथ हुआ. लवलीना ने एबीपी न्यूज से अपनी तैयारियों के बारे में भी बात की है.

कोरोना वायरस की वजह से तैयारी प्रभावित हुई

लवलीना ने कहा, ”तैयारी में तो परेशानी का सामना करना पड़ा. कोविड का टाइम चल रहा है बहुत ज्यादा दिक्कत सामने थी. लेकिन मेरा मकसद ओलंपिक में मेडल जीतने का था. इसी मकसद के साथ ट्रेनिंग की थी. ओलंपिक महत्वपूर्ण था और हमने उसके लिए पूरी तैयारी की थी. पुणे और इटली में हमने अच्छी तैयारी की.”

लवलीना भारत की ओर से ओलंपिक खेलों के इतिहास में मेडल जीतने वाली तीसरी खिलाड़ी हैं. 69 किलोग्राम कैटेगरी में हालांकि लवलीना ने भारत के लिए पहला मेडल हासिल किया है. असम की रहने वाली लवलीना ने कोरोना वायरस को मात देते हुए ओलंपिक का सफर तय किया और भारत की झोली में टोक्यो ओलंपिक का तीसरा मेडल डाल दिया.

लवलीना ने ओलंपिक खेलों में अपना पहला मेडल देश के नाम समर्पित किया है. लवलीना को उम्मीद है कि वह अगले ओलंपिक में भी भारत की झोली में एक और मेडल जरूर डालेंगी.

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