Online Classes: घर बैठे कैसे बनेंगे डॉक्टर? जानें ऑनलाइन क्लास के फायदे और नुकसान

हाइलाइट्स

  • ऑनलाइन क्लास और कोर्स करने के हैं कई फायदे
  • थियॉरी को सीखने में मिलती है आसानी
  • जानें मेडिकल स्टूडेंट्स इससे कितना सीख सकते हैं

Impact Of Online Classes: COVID-19 के भयानक प्रकोप के कारण दुनिया को एक ब्रेक लेने के लिए कहा गया है। हम आज अपने रोजाना के जीवन में टेक्नोलॉजी पर ज्यादा निर्भर हैं, चाहे वह नौकरी करने, दोस्तों और परिवार के साथ बातचीत करने के लिए हो या क्लास लेने के लिए हो। स्कूल, कॉलेज और बाकी शैक्षणिक संस्थानों में ऑनलाइन पढ़ाई करना आम हो गया है। ऑनलाइन कोर्स के अचानक आने से हमें एक छात्र की पढ़ाई से जुड़ी जरूरत पर विचार करने के लिए प्रेरित किया है, खासतौर पर इंजीनियरिंग, मेडिकल और बाकी क्षेत्रों में। इस आर्टिकल में हम ऑनलाइन क्लास के माध्यम से मेडिकल छात्रों के स्किल एलिमेंट पर बताएंगे और पूरी जानकारी की जांच करेंगे।

मल्टीमीडिया से सीखने के फायदे और नुकसान दोनों हैं। ऑनलाइन पढ़ाई की ज्यादा बड़ी पहुंच के कारण, देश भर के छात्र अपनी तेजी से और बिना किसी रुकावट के पढ़ाई जारी रख सकते हैं।

नीट को ध्यान में रखते हुए
जब NEET परीक्षा के लिए प्रैक्टिस करने की बात आती है, तो कोर्स के वीडियो बेहद फायदेमंद हो सकते हैं। ये वीडियो छात्रों की कल्पना से जुड़ते हैं और उन्हें टॉपिक को ज्यादा आसानी से याद करने में मदद करते हैं। यह याद रखना जरूरी है कि किसी भी छात्र को प्रैक्टिकल और प्रायोगिक कार्य पर जाने से पहले सैद्धांतिक यानि थियॉरिटिकल नॉलेज की जरूरत होती है।

  1. महामारी ने टेस्ट के लिए भविष्य के मेडिकल प्रोफेशनल की खासियत को मानते हुए एक्सपर्टीज, दक्षता और बाकी मुद्दों को सामने रखा है। यहां बताया गया है कि कैसे ऑनलाइन टूल और क्लास ने उम्मीदवारों को चुनने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली किस तरह की मांग की है और प्रतियोगी परीक्षा में अब तक कैसे मदद की है।
  2. पढ़ाई के लिए अलग-अलग रिसॉर्स आसानी से उपलब्ध हैं।
  3. पढ़ाई की जगह तक पहुंचने के लिए सफर के अभाव या अन्य जरूरतों के कारण समय की बचत हुई है।
  4. प्रैक्टिस के दौरान गलतिय और जरूरत पर आत्म-चिंतन यानि सेल्फ-रिफ्लेक्शन को बढ़ावा दिया गया है। हालांकि छात्रों को गणित और भौतिकी जैसे कठिन विषयों में महारत हासिल करने में लंबा समय लगता है, ऑनलाइन स्टडी मटेरियल से जब भी उन्हें सहायता की जरूरत होती है, तभी छात्रों को समय और जगह का बेहतर मेनेजमेंट कर पाते हैं।

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सीखने की प्रक्रियाओं में एक मेडिकल छात्र की भूमिका का मूल्यांकन कितना है?
यह निर्धारित करने के लिए कि ऑनलाइन कोर्स प्रभावी हैं या नहीं, आवश्यक है कि पहले उनकी ट्रेनिंग के दौरान मेडिकल छात्रों की भूमिका को समझें। एक मेडिकल छात्र को अधिमानतः उन छात्रों की टीम का हिस्सा होना चाहिए, जो मेडिकल एक्सपर्ट द्वारा सहायता लेते हैं। एक शिक्षक की देखरेख में एक असल रोगी के इलाज का अनुभव देना, उनकी प्राथमिकता है।

दुनिया ने एक लाख आपदाएँ देखी हैं, चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी को बंद करने के लिए मजबूर किया गया है, COVID-19 एक अनूठी और गंभीर चुनौती सामने लाता है। नतीजतन, किसी की सुरक्षा सुनिश्चित करना उतना ही जरूरी है, जितना कि असाधारण क्लिनिकल क्षमताएं हासिल करना।

  • ऑनलाइन क्लास और कोर्स करने के कई फायदे हैं।
  • घर से पढ़ाई करने से मेडिकल छात्रों को खुद को ज्यादा समय देने और आत्म-अनुशासन विकसित करने का मौका मिलता है, जिससे वे ज्यादा प्रोडक्टिव बन सकते हैं।
  • छात्र कोर्स के टॉपिक से भी आगे पढ़ाई कर सकते हैं और इंटरनेट की बदौलत वास्तविक दुनिया के परिदृश्यों के उत्तर ढ़ूंढ सकते हैं।
  • छात्र दुनिया भर के अनुभवी डॉक्टर द्वारा अपडेट किए गए वीडियो, ब्लॉग और बाकी कंटेंट का इस्तेमाल करके टॉपिक को ज्यादा गहराई से समझ सकते हैं।
  • हालांकि, छात्रों को अपने स्टडी मटेरियल का चुनाव सही रूप से करना चाहिए, क्योंकि ऑनलाइन उपयुक्त कंटेंट को ढ़ूंढते हुए ध्यान भटकना आम बात है। इससे बचने के लिए छात्रों में आत्म-अनुशासन होना जरूरी है। उपलब्ध मटेरियल का आंकलन करना और दूसरे सोर्स की मदद से आत्म-विकास करना जरूरी है।
  • घर से पढ़ाई करना कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसमें कुछ कमियां भी हैं।
  • यह छात्रों को अकेलापन महसूस करा सकता है और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकता है।
  • यह छात्रों को अलग-थलग महसूस करा सकता है। नतीजतन, सभी कॉलेज को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा जोर देना चाहिए।
  • इसके अलावा, जबकि टीम वर्क मेडिकल छात्रों के लिए एक जरूरी हिस्सा है, वर्चुअल टीम वर्क मुश्किल हो सकता है और सामाजिक दूरी के कारण सीखने के खास अवसर नहीं मिल पाते हैं। एक टीम में काम करना और सीखना भी छात्रों को खास स्किल्स बढ़ाने में मदद करता है, जिसे अपने दम पर हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

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ऑनलाइन क्लास वास्तव में कैसे फायदेमंद साबित हुई हैं?

  • थियॉरी और अवलोकन से जुड़ी नॉलेज से स्किल्स बढ़ती हैं।
  • टीम वर्क न होने पर हर एक छात्र अपनी वास्तविक रुचि और स्किल को साकार करने में स्वतंत्र महसूस करते हैं।
  • कोविड-19 के कारण मुश्किलों में काम को मैनेज करने पर ध्यान केंद्रित हो गया है, जिससे आने वाले मेडिकल स्टाफ को बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य प्रकोप से निपटने में ज्यादा अनुभव और ज्ञान मिल रहा है।

ऑनलाइन पढ़ाई को और ज्यादा प्रभावी बनाना
दुनिया भर में अलग-अलग संस्थानों ने ऑनलाइन कोर्स की दक्षता पर सर्वेक्षण किया है, इनके रिजल्ट बताते हैं कि छात्र किसी भी टॉपिक के साथ परेशानी महसूस नहीं करते हैं। हालांकि, हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि छात्रों की क्षमता को पूरी तरह से समझने के लिए समस्या कैसे सामने आती है। चिकित्सा विश्वविद्यालय देश भर के अस्पताल के साथ काम कर सकते हैं, ताकि छात्रों को रोगियों का इलाज करते हुए अनुभवी डॉक्टर की सहायता करने के लिए ट्रेनिंग दी जा सके। ऑनलाइन सीखने की दक्षता को बढ़ाया जा सकता है। यह मेडिकल छात्रों को एक्सपर्ट से सीखने के दौरान पैसा कमाने में भी सक्षम बनाएगा।

टेलीहेल्थ
जैसा कि हम सभी जानते हैं, भारत में ज्यादा आबादी है और COVID-19 जैसी चिकित्सा आपात स्थिति ने देश के डॉक्टर को बढ़ावा देने में उजागर किया है। प्रैक्टिस करने वाले छात्रों ने ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों की देखरेख में जो सीखा है, उसे काम में लाकर मांग और आपूर्ति के बीच की दूरी को कम करने में मदद कर सकती है। यह छात्रों को वीडियो से रोगी के अनुभव लेने और टेलीहेल्थ में भाग लेने की अवधारणा को जानने में भी मदद करेगा, जो कि चिकित्सा उद्योग का भविष्य है।

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